पेज

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025

Child Labour Jaipur News: चूड़ी फैक्ट्री से भागे 7 बच्चे कब्रिस्तान में छिपे, इंसानों से डर जताया

 

Jaipur News

जयपुर: चूड़ी फैक्ट्री से भागे 7 बच्चे कब्रिस्तान में छिपे, इंसानों से डर जताया

जयपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। बिहार के सात बच्चे जयपुर के एक कब्रिस्तान में छिपे हुए मिले। बच्चे इतने डरे-सहमे थे कि इंसानों से बात करने से भी डर रहे थे। बच्चों ने पुलिस को बताया कि उन्हें भूतों से नहीं, इंसानों से डर लगता है।

जानकारी के अनुसार, शमसाद मियां नामक शख्स ने इन बच्चों को बिहार से जयपुर लाया और भट्टा बस्ती क्षेत्र स्थित चूड़ी फैक्ट्री में काम पर लगा दिया। बच्चों से 18 घंटे तक काम करवाया जाता था, खाने को कुछ नहीं दिया जाता था और मारपीट भी की जाती थी। भूख और डर से बेहाल बच्चे बीमार पड़ने लगे और फैक्ट्री से भागकर कब्रिस्तान में पहुंचे, जहां उन्होंने पूरी रात कब्रों के पीछे छिपकर बिताई।

स्थानीय लोगों ने बच्चों को छिपा देखा और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। भट्टा बस्ती पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर टीम ने बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बच्चों को खाना, नए कपड़े और मेडिकल सहायता दी गई। आरोपी शमसाद मियां की तलाश अभी जारी है। शुरुआती जांच में फैक्ट्री में अन्य राज्यों से भी बच्चों को धोखे से लाकर मजदूरी कराई जाने की जानकारी मिली है। शास्त्रीनगर एसीपी शिवरतन गोदारा ने बताया कि बच्चों को बाल सुधार समिति के समक्ष पेश करके बाल सुधार गृह भेजा गया है। परिजनों को सूचना दी गई है, लेकिन अभी तक वे पहुंचे नहीं हैं।

#Rajasthan #Jaipur #ATCard #AajTakSocial

गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025

बेंगलुरु ग्रामीण में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म – तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

Bangalore new



बेंगलुरु ग्रामीण में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म – तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण ज़िले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के गंगोंदनहल्ली गांव में तीन युवकों ने एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जबकि दो अन्य युवक अब भी फरार बताए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज को हिला कर रख दिया है।


🔹 घटना कैसे हुई

जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार की रात लगभग 9:30 बजे से 12:15 बजे के बीच यह घटना घटी।
महिला अपने घर में अकेली थी, तभी कुछ युवक नशे की हालत में उसके घर पहुंचे। उन्होंने दरवाज़े पर दस्तक दी, और जैसे ही महिला ने दरवाज़ा खोला, वे ज़बरदस्ती घर के अंदर घुस गए।

इसके बाद आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, जाते-जाते उन्होंने महिला के दो मोबाइल फोन और करीब ₹25,000 नकद भी चुरा लिए।


🔹 पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अभी फरार हैं।
पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम (Special Team) का गठन किया है। जांच जारी है, और उम्मीद की जा रही है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।


🔹 स्थानीय लोगों में आक्रोश

गांव और आसपास के इलाकों में इस वारदात को लेकर भारी रोष है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सज़ा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।


🔹 महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की सोच पर भी चोट है।
जहां महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि सुरक्षा और जागरूकता की ज़रूरत अब भी उतनी ही है जितनी पहले थी।

सरकार और समाज दोनों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि –

  • महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कड़े कानूनों का सख्ती से पालन हो,
  • ग्रामीण क्षेत्रों में भी रात के समय गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए,
  • और सबसे ज़रूरी — पीड़ित को न्याय और मानसिक सहारा तुरंत मिले।

🔹 समाज के लिए संदेश

इस घटना से हमें यह सीख लेनी चाहिए कि चुप रहना कभी समाधान नहीं होता।
अगर आपके आस-पास किसी महिला या परिवार को किसी तरह की धमकी या डर महसूस हो रहा है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। जागरूक रहना और दूसरों को जागरूक करना ही ऐसी घटनाओं को रोकने का पहला कदम है।


📢 निष्कर्ष

गंगोंदनहल्ली की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है — कि हम सभी को अपने आस-पास की सुरक्षा, जागरूकता और संवेदनशीलता पर ध्यान देना होगा।
पुलिस की तेज कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जब तक दोषियों को सज़ा नहीं मिलती, तब तक यह लड़ाई अधूरी है।

मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025

Sad New from Deepawali celebration Delhi 2025 Bhabhi Dever affair

Sad New from Deepawali celebration Delhi 2025

आगरा स्थित खेड़ी गांव में दिवाली की खुशियां मातम में बदल गईं. देवर-भाभी के विवाद में भाभी ने अपने देवर का प्राइवेट पार्ट काट दिया. गंभीर रूप से घायल युवक को दिल्ली एम्स रेफर किया गया है. वारदात के बाद आरोपी भाभी फरार हो गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर यह दिल दहला देने वाली घटना क्यों हुई.

आपको बता दें कि आरोपी भाभी थी और पीड़ित देवर. भाभी ने देवर का प्राइवेट पार्ट काट दिया. यह घटना दीपावली की रात (करीब 2 बजे) आगरा के बरहन क्षेत्र के खेड़ी गांव में हुई. घर में विवाद चल रहा था, जिसके चलते यह घटना हुई. भाभी कमरे में घुसी, अंदर से कुंडी लगाई और सो रहे देवर पर हमला किया. युवक को गंभीर हालत में दिल्ली एम्स भेजा गया.

पीड़ित युवक दीपावली की छुट्टियां मनाने उत्तराखंड से अपने घर आया था. उसके भाई मुकेश कुमार ने बताया कि पीड़ित अल्ट्राटेक कंपनी में मैनेजर है और उत्तराखंड में रहता है. वह रात को कमरे में कंप्यूटर पर काम करते-करते सो गया था. रात करीब 2 बजे भाभी आगरा से आईं और सीधे कमरे में घुस गईं. भाभी ने कुंडी लगाकर घटना को अंजाम दिया. युवक की चीख सुनकर परिवार वालों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला.

घटना के बाद लहूलुहान देवर को तत्काल सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) में भर्ती कराया गया. थाना बरहन के निरीक्षक ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भिजवाया. हालांकि, गंभीर हालत के चलते डॉक्टरों ने उसे तुरंत दिल्ली एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया.

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाभी मौके से फरार हो गई है. पुलिस अब महिला की तलाश में जुट गई है. पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि भाभी ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया. पीड़ित के भाई मुकेश कुमार के अनुसार, भाभी आगरा से रात को ही आई थी. शुरुआती जांच के मुताबिक, यह घटना घर में चल रहे आपसी विवाद के कारण हुई.

#Agra #Crime #PrivatePart #Bhabhi #ATCard #AajTakSocial

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025

Goverdhan Asrani Rest in peace

 

Goverdhan Asrani

अलविदा 'अंग्रेजों के जमाने के जेलर'.... भारतीय सिनेमा का वह प्यारा चेहरा, जिसने अपनी कॉमिक टाइमिंग और अदाकारी से लोगों के दिलों में जगह बनाई, वो अब हम सबके बीच नहीं रहा.

गोवर्धन असरानी के PA, बाबूभाई ने इंडिया टुडे को बताया, "असरानी साहब को चार दिन पहले जुहू स्थित भारतीय आरोग्य निधि अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने हमें बताया कि उनके फेफड़ों में पानी जमा हो गया था और आज, 20 अक्टूबर को दोपहर लगभग 3.30 बजे उनका निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है."

गोवर्धन असरानी ने कई दशकों तक हिंदी सिनेमा में अहम रोल प्ले किए और दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई. फिल्मी जगत और उनके प्रशंसकों में उनके निधन की खबर से गहरे शोक का माहौल है. गोवर्धन असरानी के मरने की खबर पुष्टि उनके भतीजे अशोक असरानी ने की. अब से तीन महीने पहले गोवर्धन असरानी की झूठी खबर फैली थी. जिसमें ये कहा गया था कि 15 जुलाई 2025 को गोवर्धन असरानी की मौत हो गई. हालांकि इस खबर की पड़ताल की गई तो ये खबर फर्जी पाई गई थी.

#Asrani #RIPAsrani #BollywoodNews #SadNews #RIP #ATCard #AajTakSocial

रविवार, 19 अक्टूबर 2025

इन देशों में होती हैं सबसे ज़्यादा पब्लिक छुट्टियाँ — जानिए जहाँ भारत भी शामिल है

 

Festival Holiday


इन देशों में होती हैं सबसे ज़्यादा पब्लिक छुट्टियाँ — जानिए जहाँ भारत भी शामिल है

अगर आप छुट्टियों के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए पूरी तरह वाकई है। कुछ देश ऐसे भी हैं जहाँ काम से ज़्यादा छुट्टी का समय मिलता है — और यकीन मानिए, वहां लोग अपनी ट्रैवेल बैग पैक करने में ज़्यादा देर नहीं लगाते। वर्ल्ड रिव्यूअर की रिपोर्ट बताती है कि इन देशों में साल में काफी पब्लिक हॉलीडे मिलते हैं।


भारत — छुट्टियों की लिस्ट में नम्बर 1

हाँ, आपने सही पढ़ा। भारत इस श्रेणी में सबसे ऊपर रहा है। साल में कुल 42 पब्लिक अवकाश होते हैं। इसमें शामिल हैं: राष्ट्रीय अवकाश जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, धार्मिक त्योहार जैसे दिवाली , ईद, क्रिसमस और राज्य-स्तर की छुट्टियाँ भी। यही विविधता हमारी संस्कृति की झलक है — और छुट्टियों की वजह भी।


नेपाल — छुट्टियों का दूसरा पायदान

नेपाल की बात करें तो यहां साल में 35 सार्वजनिक छुट्टियाँ दर्ज हैं। विजयादशमी, तिहार (दीपावली), और अन्य स्थानीय त्योहारों के वक्त लंबी छुट्टियाँ मिलती हैं, जिससे यहाँ के लोग आराम, परिवार-सफर और यात्रा आसान तरीके से कर पाते हैं।


ईरान — किस आधार पर छुट्टियाँ?

ईरान में साल में लगभग 26 पब्लिक हॉलीडेज़ होते हैं। इनकी छुट्टियाँ इस्लामी हिजरी कैलेंडर पर आधारित हैं — जैसे नवरोज़ (ईरानी नया साल) और अन्य धार्मिक अवसर। चूंकि ये चंद्र/सौर कैलेंडर के अनुसार तय होते हैं, इसलिए हर साल तारीखें बदलती रहती हैं।


म्यांमार — बौद्ध त्योहारों में विश्राम

म्यांमार में भी लगभग 26 छुट्टियाँ होती हैं। यहाँ की छुट्टियाँ मुख्य रूप से बौद्ध धर्म, स्मरणोत्सव और स्थानीय सांस्कृतिक अवसरों से जुड़ी हैं। थिंग्यन (म्यांमार का नववर्ष व जल-महोत्सव) के समय कई दिन छुट्टी मिलती है।


श्रीलंका — संतुलित छुट्टियाँ

श्रीलंका में साल में कुल 25 सार्वजनिक छुट्टियाँ हैं। यहाँ धार्मिक (दिवाली , ईद, क्रिसमस) और नागरिक अवकाश साथ-साथ मिलते हैं। इसका मतलब – लोग साल के दौरान कई छोटे-छोटे प्रमुख ब्रेक्स ले पाते हैं, परिवार के साथ समय बिता सकते हैं या ट्रैवेल पर निकल सकते हैं।


इस सूची से हमें क्या मिलता है? यह कि छुट्टियाँ सिर्फ आराम का मौका नहीं, बल्कि संस्कृति, इतिहास और जीवन शैली का हिस्सा हैं। भारत जैसे देश में जहाँ भाषाएँ, धर्म और रीति-रिवाज बहुत विविध हैं, छुट्टियों का जो पैटर्न है—वो इसकी झलक देता है।

और हाँ — अगर आप ट्रैवेलिंग शौकीन हैं, तो इन डेटा को देखकर अगली छुट्टी का प्लान पहले से बना लेना चाहिए। क्योंकि जब काम से समय मिलेगा, वही मीठा लगता है।


🔎 संक्षिप्त टॉपिक वर्डिंग सुझाव

  • “भारत में साल में कितनी सार्वजनिक छुट्टियाँ होती हैं?”
  • “टॉप देश जिनमें सबसे अधिक सरकारी अवकाश मिलते हैं”
  • “नेपाल, ईरान, म्यांमार में पब्लिक हॉलीडेज़ की संख्या”

अगर चाहें, तो मैं इस विषय पर एक इन्फोग्राफिक-स्टाइल ब्लॉग पोस्ट भी बना सकता हूँ जिसमें हर देश की छुट्टियों की संख्या, लोगों के अनुभव और ट्रैवेल टिप्स शामिल हों। चाहेंगे?

big train accident news, karmbhumi express news, railway safety india

Train accident



कर्मभूमि एक्सप्रेस हादसा: मुंबई से बिहार जा रही ट्रेन में दर्दनाक घटना, दो की मौत, एक घायल

त्योहारों का मौसम हो और लोग अपने घर जाने की तैयारी करें — ऐसे वक्त में अगर कोई हादसा हो जाए तो वो सिर्फ एक खबर नहीं रहती, वो एक दर्द बन जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ मुंबई से बिहार जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस में, जब एक भयानक हादसे ने कई परिवारों की खुशियों को मात में बदल दिया।


हादसे की पूरी कहानी

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा नासिक रोड स्टेशन के पास हुआ। ट्रेन में तीन यात्री नीचे गिर गए, जिनमें दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल है।

यह हादसा भीड़भाड़ के कारण हुआ बताया जा रहा है। दीपावली और बिहार विधानसभा चुनाव के चलते ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ थी। अधिकांश यात्री अपने घर त्योहार मनाने या वोट डालने जा रहे थे।


मौके पर अफरा-तफरी का माहौल

जैसे ही हादसे की खबर फैली, स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत रेल प्रशासन को सूचना दी। रेलवे अधिकारी और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

शवों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है, जबकि घायल यात्री को नासिक के जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि तीनों यात्री 30 से 35 साल की उम्र के थे।


यात्रियों की भीड़ बनी हादसे की वजह

कर्मभूमि एक्सप्रेस हमेशा से बिहार जाने वाले मजदूरों, कामगारों और छात्रों की पसंदीदा ट्रेन रही है। लेकिन इस बार स्थिति और भी खराब थी। दीपावली के सीजन और चुनाव के समय, ट्रेन में सामान्य से दोगुनी भीड़ थी।

कई यात्रियों को खड़े होकर या दरवाजे के पास बैठकर सफर करना पड़ रहा था। इसी दौरान, ट्रेन की स्पीड बढ़ने पर तीन यात्री संतुलन खो बैठे और गिर गए।


प्रशासन ने जताई चिंता

रेलवे प्रशासन ने हादसे पर दुख जताया है और यात्रियों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ के दौरान दरवाजे के पास खड़े न हों। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, चाहे त्योहार कितना भी जरूरी क्यों न हो।

पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (Accidental Death Report) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, यह भी जांच की जा रही है कि क्या ट्रेन में सुरक्षा कर्मी पर्याप्त संख्या में मौजूद थे या नहीं।


त्योहारों के बीच सुरक्षा का सवाल

हर साल त्योहारों के दौरान इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। लोग किसी भी कीमत पर अपने घर पहुंचना चाहते हैं, लेकिन कभी-कभी ये जल्दबाज़ी किसी की जिंदगी की कीमत बन जाती है।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा सिर्फ रेलवे की नहीं, हमारी भी जिम्मेदारी है। भीड़ में धक्का-मुक्की, दरवाजे पर बैठना या चलती ट्रेन में यात्रा करना, ये सब छोटे खतरे नहीं हैं।


आम जनता की भावनाएं

हादसे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। ट्विटर और फेसबुक पर #KarmbhumiExpress, #NashikRoad, #TrainAccident जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
कई लोगों ने लिखा —

“वो घर लौटना चाहते थे, लेकिन मंज़िल तक नहीं पहुंच सके। ये सिर्फ हादसा नहीं, एक चेतावनी है।”


निष्कर्ष नहीं, एक अपील

कभी-कभी हम भूल जाते हैं कि घर पहुंचने की जल्दी में हम अपनी जिंदगी को दांव पर लगा देते हैं।
कर्मभूमि एक्सप्रेस हादसा हमें यही सिखाता है —
सुरक्षित यात्रा करें, क्योंकि घर वही लौट सकते हैं जो जिंदा लौटते हैं।


Jaspal Sharma Uttrakhand

Jaspal Sharma uttrakhand


 उत्तराखंड का एक ऐसा जबरदस्त कलाकार जो पूरे देश में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके हैं शायद ही आज कोई ऐसा होगा जिन्होंने इनके वीडियो ना देखे हो। जी हां हम बात कर रहें हैं जसपाल शर्मा के बारे में मूल रूप से कौसानी के रहने वाले जसपाल शर्मा जिनका जन्म हल्द्वानी में हुआ और वहीं से पढ़ाई-लिखाई भी हुई। इन्होंने महात्मा गांधी इंटर कॉलेज हल्द्वानी से बारहवीं पास किया है और कुमाऊं के सबसे बड़े कॉलेज से MBPG से ग्रेजुएशन करी।

आज भले इस चेहरे को करोड़ों लोग पहचानते हैं लेकिन इनके यहां तक पहुंचने की यह यात्रा काफी संघर्ष भरी रही है। यही कारण है कि इनके द्वारा निभाए गए हर किरदार में वह अपने आप को भूलकर किरदार को जीवंत कर देते हैं। ओर एक यही कारण हे जिससे लोग इनको खूब पसंद करते है।

आपको बता दे जसपाल शर्मा को बचपन से ही अभिनय का शोक था। समय रहते इन्हें अहसास हुआ कि ऊंचा मुकाम हासिल करना है तो नैनीताल को पीछे छोड़ना पड़ेगा। तब यह लगभग नौ वर्षों तक स्टेज शोज करने के बाद दिल्ली चले गए। 

दिल्ली पहुंचने के बाद ये वहां भी थिएटर करने लगे और इसी दौरान इन्हें नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के साथ "कथा एक कंस की" नाटक में अभिनय करने का भी मौका मिला। इसके बाद धीरे–धीरे रास्ते खुलते गए और यह उन रास्तों पर चलते हुए नाटकों से निकलकर बॉलीवुड तक पहुंच गए। साल 2015 में बॉलीवुड के अभिनेता इरफ़ान खान के साथ तलवार फिल्म में काम करने का अवसर मिला और फिर वहां से इन्होने पीछे नहीं देखा। और आज जसपाल शर्मा कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। 

बॉलीवुड में काम करने के साथ ही करीब दो साल से जसपाल शर्मा सोशल मीडिया के सबसे बेस्ट चैनल नजरबट्टू के साथ राइटर और अभिनेता के रूप में जुड़े हैं। नजरबट्टू की विडियोज में इनका अभिनय इतना शानदार है कि एक बार वीडियो प्ले हो गई तो फिर उसे अधूरा छोड़ने का मन नही करता। कुल मिलाकर जसपाल शर्मा की यह सफलता न केवल उत्तराखण्ड बल्कि देशभर के हल्द्वानी जैसे छोटे-छोटे शहरों में बड़े-बड़े सपने देख रहे युवाओं लिए प्रेरणादायी है। आज जसपाल शर्मा को उनके अभिनय के कारण करोड़ों लोग उन्हें पसंद करते हैं।

Child Labour Jaipur News: चूड़ी फैक्ट्री से भागे 7 बच्चे कब्रिस्तान में छिपे, इंसानों से डर जताया

  जयपुर: चूड़ी फैक्ट्री से भागे 7 बच्चे कब्रिस्तान में छिपे, इंसानों से डर जताया जयपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। बि...